जन्म कुंडली (Natal Chart) मनुष्य के जन्म के सटीक समय पर ब्रह्मांडीय ग्रहों की स्थिति का एक खाका है, जो उसके पूर्वजन्मों के संचित कर्मों और वर्तमान जीवन के भाग्य को दर्शाता है।
1. कुंडली के 12 भाव (Houses) क्या दर्शाते हैं?
- पहला भाव (लग्न): शरीर, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और आत्मबल।
- दूसरा भाव: धन संचय, वाणी और कुटुंब।
- तीसरा भाव: साहस, पराक्रम और छोटे भाई-बहन।
- चौथा भाव: माता, भूमि, भवन, वाहन और मानसिक सुख।
- पाँचवाँ भाव: बुद्धि, शिक्षा, संतान और पूर्व पुण्य।
- छठा भाव: रोग, ऋण, शत्रु और प्रतियोगिता।
- सातवाँ भाव: विवाह, जीवनसाथी और दैनिक व्यापार।
- आठवाँ भाव: आयु, गूढ़ रहस्य और आकस्मिक घटनाएं।
- नौवाँ भाव: भाग्य, धर्म, तीर्थ यात्रा और गुरु।
- दसवाँ भाव: कर्म, पद, प्रतिष्ठा, पिता और करियर।
- ग्यारहवाँ भाव: आय, लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति।
- बारहवाँ भाव: व्यय, विदेश यात्रा, अस्पताल और मोक्ष।
2. दशा और गोचर:
कुंडली में वर्तमान समय में कौन से ग्रह की 'महादशा' चल रही है और आकाश में ग्रह किस भाव से 'गोचर' कर रहे हैं, इसी से शुभ-अशुभ समय का सटीक निर्धारण होता है।