वृश्चिक राशि भचक्र की सबसे रहस्यमयी, तीव्र और शक्तिशाली राशि है। जल तत्व और मंगल-केतु के प्रभाव से इनके भीतर असीम इच्छाशक्ति, पूर्वाभास और पुनर्जीवित होने की जादुई क्षमता होती है।
मंगल एवं केतु (Mars & Ketu) के आधिपत्य और जल तत्व (Water Element) के प्रभाव से वृश्चिक राशि के जातकों में निम्नलिखित प्रमुख गुण एवं विशेषताएँ पाई जाती हैं:
वृश्चिक राशि का प्रेम सतही नहीं होता; यह सर्वस्व समर्पण की मांग करता है। वे या तो पूरी तरह प्यार करते हैं या बिल्कुल नहीं। यदि उन्हें सच्चा और वफादार साथी मिल जाए, तो वे जीवन की आखिरी सांस तक उसका साथ निभाते हैं।
कर्क (Cancer), मीन (Pisces), मकर (Capricorn) और वृषभ (Taurus) के साथ वृश्चिक राशि का विवाह अत्यंत गहरा और अटूट साबित होता है। सिंह और कुंभ के साथ टकराव से बचना चाहिए।
रिसर्च, जासूसी (CID/RAW), सर्जरी, साइकैट्री, गुप्त विद्याएं, ऑकल्ट, टैरो, ज्योतिष, माइनिंग, डेटा सिक्योरिटी और एथिकल हैकिंग में वृश्चिक जातक बेजोड़ होते हैं।
फार्मास्युटिकल्स, केमिकल इंडस्ट्री, तेल एवं गैस, इन्श्योरेंस, रीसाइक्लिंग, सुरक्षा उपकरण और अन्वेषण से जुड़े व्यवसायों में वृश्चिक जातक अपार धन कमाते हैं।
महत्व एवं लाभ: मंगल को संतुलित कर क्रोध पर नियंत्रण, आंतरिक भय का नाश और असीम साहस प्रदान करता है।
धारण विधि व धातु: तांबा या सोना (मंगलवार को अनामिका उंगली में)
वृश्चिक राशि की ऊर्जा को संतुलित करने और चक्रों को जाग्रत रखने के लिए ये प्राकृतिक क्रिस्टल अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं:
वृश्चिक राशि सिद्ध ब्रेसलेट (Black Tourmaline, Carnelian & Hematite का रक्षा कवच)
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