कन्या राशि भचक्र की षष्ठी राशि है। इस राशि के जातक विश्लेषक, अत्यंत परिश्रमी, व्यवस्थित, व्यावहारिक और परफेक्शनिस्ट (पूर्णतावादी) होते हैं। हर काम को बारीकी से करना इनकी खूबी है।
बुध ग्रह (Mercury) के आधिपत्य और पृथ्वी तत्व (Earth Element) के प्रभाव से कन्या राशि के जातकों में निम्नलिखित प्रमुख गुण एवं विशेषताएँ पाई जाती हैं:
कन्या राशि के जातक प्रेम का इजहार बड़ी-बड़ी बातों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को निभाकर करते हैं। वे एक बुद्धिमान, वफादार और गंभीर पार्टनर की तलाश करते हैं जो उनके प्रयासों का सम्मान करे।
वृषभ (Taurus), मकर (Capricorn), कर्क (Cancer) और वृश्चिक (Scorpio) के साथ कन्या राशि का विवाह अत्यंत स्थिर और शांत रहता है। मिथुन और धनु के साथ विचारों का संतुलन बनाना पड़ता है।
अकाउंटेंसी, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), डेटा एनालिटिक्स, मेडिकल, रिसर्च, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, बैंकिंग, एडिटिंग, लाइब्रेरी साइंस और क्वालिटी कंट्रोल में कन्या जातक अद्वितीय होते हैं।
फार्मेसी, पैथोलॉजी लैब, ऑडिट फर्म, आईटी सर्विसेज, स्टेशनरी, पब्लिकेशन, इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स और फिटनेस सेंटर के बिजनेस में कन्या जातक बहुत सफल होते हैं।
महत्व एवं लाभ: बुद्धि को कुशाग्र करता है, नसों को आराम देता है और आर्थिक विश्लेषण में सटीक निर्णय कराता है।
धारण विधि व धातु: सोना या चांदी (बुधवार को कनिष्ठिका उंगली में)
कन्या राशि की ऊर्जा को संतुलित करने और चक्रों को जाग्रत रखने के लिए ये प्राकृतिक क्रिस्टल अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं:
कन्या राशि सिद्ध ब्रेसलेट (Green Jade, Amethyst & Clear Quartz का संतुलन)
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