वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में स्थित होता है, वह आपकी चंद्र राशि कहलाती है। यहाँ मेष से लेकर मीन तक प्रत्येक राशि के स्वामी ग्रह, तत्व, मुख्य गुण, प्रेम व वैवाहिक जीवन, करियर, व्यापार, शुभ अंक, शुभ रंग और पारंपरिक रत्नों का संपूर्ण विश्लेषण उपलब्ध है।
मेष राशि भचक्र की प्रथम राशि है। इस राशि के जातक जन्मजात ऊर्जावान, निडर, स्पष्टवादी और नेतृत्व क्षमता से भरपूर...
वृषभ राशि भचक्र की द्वितीय राशि है। शुक्र के प्रभाव से ये जातक सौंदर्यप्रिय, कलाप्रेमी, धैर्यवान, व्यावहारिक औ...
मिथुन राशि के जातक तीक्ष्ण बुद्धि, वाकपटुता, चंचलता और बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। बुध ग्रह का प्रभाव इन्...
कर्क राशि चंद्रमा की अपनी राशि है। इस राशि के जातक अत्यंत संवेदनशील, भावुक, परिवार-प्रेमी, सुरक्षात्मक और अंतर...
सिंह राशि सूर्य की राशि है। इस राशि के जातक स्वभाव से राजा की तरह तेजस्वी, उदार, साहसी, स्वाभिमानी और चुंबकीय ...
कन्या राशि भचक्र की षष्ठी राशि है। इस राशि के जातक विश्लेषक, अत्यंत परिश्रमी, व्यवस्थित, व्यावहारिक और परफेक्श...
तुला राशि भचक्र की सप्तम राशि है। शुक्र के आधिपत्य से यह राशि न्याय, संतुलन, सौंदर्य, आकर्षण, कूटनीति और रिश्त...
वृश्चिक राशि भचक्र की सबसे रहस्यमयी, तीव्र और शक्तिशाली राशि है। जल तत्व और मंगल-केतु के प्रभाव से इनके भीतर अ...
धनु राशि देवगुरु बृहस्पति की राशि है। इस राशि के जातक दार्शनिक, आशावादी, सत्यवादी, ज्ञानपिपासु और यात्राप्रेमी...
मकर राशि न्यायप्रिय शनि देव की राशि है। इस राशि के जातक अत्यंत कर्मठ, अनुशासित, व्यावहारिक, धैर्यवान और महत्वा...
कुंभ राशि भचक्र की एकादश राशि है। इस राशि के जातक मानवतावादी, क्रांतिकारी, स्वतंत्र विचारक, आधुनिक और भविष्यदर...
मीन राशि भचक्र की अंतिम राशि है। गुरु के प्रभाव और जल तत्व के कारण इस राशि के जातक अत्यंत दयालु, संवेदनशील, कल...
सूर्य राशि (Sun Sign) और चंद्र राशि (Moon Sign) में अंतर होता है। भारतीय वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि और जन्म लग्न को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है। अपनी सटीक कुंडली व राशि की जानकारी के लिए हमारे ज्योतिष विशेषज्ञ से परामर्श लें।